गुरु अमरदास जी के महान उपदेश
अनंदु साहिब के रचयिता, मंजी प्रणाली एवं संगत-पंगत के संस्थापक
गुरु अमरदास जी की शिक्षाएं
गुरु अमरदास जी (1479 - 1574) ने 22 मंजियों की स्थापना की, सती प्रथा का कड़ा विरोध किया और 'पहले पंगत पाछे संगत' का नियम बनाया।
मुख्य सामाजिक एवं धार्मिक सुधार
पहले पंगत पाछे संगत
समानता की नींव
सम्राट अकबर सहित सभी के लिए अनिवार्य किया गया कि गुरु जी के दर्शन से पूर्व एक पंक्ति में बैठकर लंगर छकना होगा।
22 मंजियां (Manji System)
धर्म प्रचार केंद्र
सिख धर्म के व्यापक प्रचार के लिए 22 धर्म प्रचार केंद्र स्थापित किए और महिलाओं को भी प्रचारक नियुक्त किया।
सामाजिक कुरीतियों का अंत
स्त्री सशक्तिकरण
सती प्रथा और पर्दा प्रथा का विरोध किया तथा विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया।
मुख्य आध्यात्मिक सिद्धांत
अनंदु साहिब की रचना
रामकली राग में 40 पौड़ियों वाले अमर अनंदु साहिब की रचना की।
बाउली साहिब का निर्माण
गोइंदवाल साहिब में 84 सीढ़ियों वाली बावड़ी साहिब का निर्माण कराया।
सेवा की पराकाष्ठा
12 वर्षों तक गुरु अंगद देव जी के लिए ब्यास नदी से जल लाकर निष्काम सेवा की।
907 शब्द (SGGS)
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में दर्ज 907 पवित्र शब्द परम शांति का मार्ग दिखाते हैं।