सिख रहित मर्यादा
अकाल तख्त साहिब द्वारा स्वीकृत आधिकारिक सिख जीवन शैली एवं आचार संहिता
सिख रहित मर्यादा क्या है?
सिख रहित मर्यादा (Sikh Rehat Maryada) अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा स्वीकृत आधिकारिक सिख आचार संहिता (Code of Conduct) है। यह प्रत्येक सिख को व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में नाम-बाणी, नैतिकता और सेवा से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है।
व्यक्तिगत अनुशासन (Personal Discipline)
व्यक्तिगत जीवन में अमृत वेले उठना, नाम सिमरण, नितनेम की पांच बाणियों का पाठ करना और उच्च नैतिक चरित्र बनाए रखना।
पंथक अनुशासन (Panthic Discipline)
गुरुद्वारा साहिब की मर्यादा, संगत व पंगत (लंगर), अरदास, अमृत पान, आनंद कारज (विवाह) और अन्य गुरुमत संस्कार।
पांच ककार (The 5 Ks)
अमृतधारी सिख के लिए पांच ककार धारण करना अनिवार्य है: केश, कंगा, कड़ा, कछेरा और कृपाण।
रहित मर्यादा के मुख्य अंग
गुरुमत नितनेम
प्रातः जपजी साहिब, जाप साहिब, त्व प्रसाद सवैये, चौपई साहिब, आनंद साहिब; संध्या को रहरास साहिब; रात्रि को सोहिला साहिब का पाठ।
गुरुद्वारा व संगत मर्यादा
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को परम गुरु मानना, नंगे सिर न जाना, सर्वहित के लिए अरदास और लंगर में बिना किसी भेदभाव के बैठना।
अमृत संस्कार (खंडे बाटे की पाहुल)
गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा रचित पंज प्यारों से अमृत छककर खालसा पंथ में शामिल होना।
गुरुमत आचार-विचार
नशे, कुरुहतों, अंधविश्वास और पाखंड से पूरी तरह दूर रहना।